कानपुर शहर में एक ऐसी जघन्य वारदात ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है, जिसे सुनकर किसी का भी दिल दहल उठेगा। रविवार तड़के कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र अंतर्गत किदवई नगर के त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में एक पिता ने अपनी ही 11 वर्षीय जुड़वा बेटियों की बेरहमी से हत्या कर दी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या करने के बाद आरोपी पिता ने खुद पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दे दी। इस खौफनाक घटना ने न केवल परिवार को तोड़ दिया बल्कि पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल छा गया है।
पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह करीब 4:30 बजे यूपी-112 कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि दो बच्चों की हत्या हो गई है। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो फ्लैट के अंदर का दृश्य देखकर हर कोई दहल गया। ग्राउंड फ्लोर पर स्थित फ्लैट में दोनों बच्चियों के शव फर्श पर अगल-बगल पड़े थे। कमरे में चारों ओर खून बिखरा हुआ था और हत्या में इस्तेमाल किया गया चापड़ पास ही पड़ा मिला। आरोपी पिता शशि रंजन मिश्रा वहीं फर्श पर बैठा हुआ था। पुलिस ने तुरंत उसे गिरफ्तार कर लिया।
एमआर है आरोपी
आरोपी शशि रंजन मिश्रा पेशे से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव है। परिवार में उसकी पत्नी रेशमा छेत्री, 11 वर्षीय जुड़वा बेटियां रिद्धी और सिद्धी तथा 6 वर्षीय बेटा गन्नू शामिल हैं। बच्चियां पास के मदर टेरेसा स्कूल में कक्षा 5 में पढ़ती थीं, जबकि छोटा बेटा यूकेजी का छात्र है।
पुलिस की पूछताछ में खुलासा
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने पहले बड़ी बेटी का गला दबाकर हत्या की, फिर छोटी बेटी का गला दबाया। इसके बाद उसने चापड़ को गर्दन पर रखकर हथौड़े से वार किया ताकि बच्चियां किसी भी सूरत में जिंदा न बच सकें। आरोपी ने एक बेटी की हत्या रात 1:00 बजे और दूसरी बेटी की हत्या सुबह 3:00 बजे की। हत्या के बाद वह करीब 3 घंटे तक शवों के पास ही बैठा रहा। अंत में सुबह करीब 4:30 बजे उसने खुद 112 कंट्रोल रूम को फोन कर बताया, “मेरी दो बेटियों की हत्या हो गई है और उनके पिता ने ही उन्हें मार दिया है।” पुलिस को शक है कि आरोपी ने पूरे परिवार को नींद की गोलियां खिलाई थीं, जिसकी वजह से पत्नी और बेटा गन्नू अलग कमरे में गहरी नींद में सोए रहे। पुलिस ने उन्हें खुद जगाया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और फॉरेंसिक टीम मौके पर जांच कर रही है।
पारिवारिक विवाद और शक की वजह
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के अनुसार, आरोपी को अपनी पत्नी रेशमा के चरित्र पर शक था। वह हर समय उनकी निगरानी करता रहता था। घर में एंट्री गेट, किचन, हॉल और दोनों बेडरूम समेत कुल 6 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। पत्नी रेशमा ने बताया कि शादी के बाद पति का व्यवहार अचानक बदल गया। वह शराब पीकर मारपीट करता था और नींद की गोलियां खाता था। आरोपी उन्हें अपने कमरे में भी घुसने नहीं देता था।
2014 में हुई थी लव मैरिज
रेशमा ने बताया कि उनकी मुलाकात शशि रंजन से कानपुर के स्वरूप नगर में हुई थी और 2014 में दोनों ने लव मैरिज की थी। शादी के कुछ साल बाद ही झगड़े शुरू हो गए। आरोपी अक्सर कहता था कि वह बेटियों को खुद पालेगा और पत्नी को बेटे के साथ कहीं और चले जाने को कहता था। एक बार जब रेशमा मायके गईं तो आरोपी ने बेटे को जाने दिया लेकिन बेटियों को अपने पास रोक लिया।
रात ढाई बजे बच्ची को बाथरूम लेकर गया आरोपी
पत्नी के अनुसार, आरोपी कई बार कह चुका था, “मेरी मां मर चुकी है, अब मैं भी मरना चाहता हूं और बेटियों को साथ लेकर जाऊंगा।” घटना वाली रात भी सब कुछ सामान्य लग रहा था। खाना खाने के बाद आरोपी बेटियों को लेकर अपने कमरे में चला गया और देर रात तक फोन पर बात करता रहा। रेशमा सीसीटीवी स्क्रीन पर सब देख रही थीं। रात करीब 2:30 बजे उन्होंने देखा कि आरोपी एक बेटी को लेकर वाशरूम गया था। इसके बाद क्या हुआ, उन्हें कुछ पता नहीं चला। घटना के बाद रेशमा छेत्री का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने पुलिस से कहा, “आज ही मेरे पति को फांसी दे दी जाए। वह इस सजा के हकदार हैं।” रेशमा ने बताया कि पति हमेशा बेटियों को अपने पास रखता था और उन्हें अलग करने की कोशिश करता था।
जांच में जुटी पुलिस
इस जघन्य अपराध के बाद पूरे किदवई नगर इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। पड़ोसी और स्थानीय लोग इस घटना से सदमे में हैं। पुलिस अब पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद, शक या कोई और वजह थी, यह विस्तृत पूछताछ और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा। वर्तमान में आरोपी शशि रंजन मिश्रा पुलिस हिरासत में है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकार की घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती हैं।
(कानपुर से अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट)
यह भी पढ़ें-